शैक्षणिक सत्र 2018-19 से: इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और फार्मेसी के साढ़े 3 लाख सीट होगीं खत्म

    1
    729
    AICTE Shuts Down 430 colleges
    AICTE Shuts Down 430 colleges

    देश भर में राशन दुकानों के तरह खुले कॉलेजों के लिए बुरी खबर| छात्रों को 100% प्लेसमेंट का भरोषा दिला अपने सीट भरने वाले लगभग 430 कॉलेजों को AICTE इस बार ताला लगा सकती है| अक्सर ऐसा देखा जाता है कि इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट एवं अन्य प्रोफेशनल डिग्री के बाद भी युवा मार्केट में नौकरी के लिए जूझते रहते है|ऐसे में कॉलेज के लिए भी बच्चे भर पाना लगभग नामुनकिन सा हो चला है| इस कम्पटीशन के दौर में कॉलेजों को छात्र न मिलने के चलते इस सत्र में AICTE इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट एवं फार्मेसी के लगभग 3,28,833 सीट खत्म करने जा रही है|

    जी हाँ, सूत्रों कि माने तो, ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) शैक्षणिक सत्र 2018-19 में केवल 32,62, 262 सीटों पर ही दाखिला लेगी। इसका मतलब यह है कि जुलाई सत्र में कुल 428 कॉलेज बंद हो जाएंगे।

    Contents

    Get Latest Info. About this Institution/Entrance, via SMS & Email.

    क्या है वजह?

    मैं नॉएडा में रहता हूँ| मोर्निंग वाक के लिए कभी-कभी ग्रेटर नॉएडा चले जाता हूँ| वहां पर एक लाइन से सजी कॉलेजों को देखकर मैं यही सोचता हूँ कि आखिर इतने सारे कॉलेजों में बच्चे आते कहा से होंगें? ऐसे में देश के अन्य महानगरों में तो और भी बुरे हालात है| कम्पटीशन में अच्छा न कर पाने के वजह से बच्चें इन कॉलेजों में एडमिशन तो ले लेते है परन्तु आगे प्लेसमेंट अथवा किसी तरह कि करियर असिस्टेंस न मिल पाने के वजह से बच्चों को काफी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है| और तो और कॉलेजों को भी सीट खाली रह जाने जैसे समस्या का सामना करना पड़ता है|

    गौरतलब है कि एआईसीटीई ने देशभर में उच्च तकनीकी शिक्षा में दाखिले और कॉलेजों को जुलाई सत्र में दाखिले देने के लिए फाइनल डाटा तैयार कर लिया है। छात्र न मिलने व खर्चा न निकाल पाने के कारण इस साल इंजीनियरिंग के 151, मैनेजमेंट के 141 और फार्मेसी के 7 कॉलेज बंद हो गए हैं। जबकि नियमों को पूरा न करने पर 189 कॉलेजों पर ताला लग गया है।

    संकाय बंद होने वाले कॉलेज
    इंजीनियरिंग 151
    मैनेजमेंट 141
    फार्मेसी 7
    नियमों को पूरा न करने पर बंद होने वाले कॉलेजों कि संख्या 189

    डीम्ड संस्थानों की बढ़ी संख्या

    विगत कुछ सालो में डीम्ड एवं डीम्ड टू बी संस्थानों कि संख्या में काफी इजाफा हुआ है| इस साल पहली बार कुल 195 डीम्ड संस्थानों में 1,04,783 सीटों पर दाखिले का प्रावधान होगा।

    संकाय डीम्ड कॉलेज
    इंजीनियरिंग 70
    मैनेजमेंट 77
    फार्मेसी 23

    फार्मेसी बनी नयी ट्रेंड

    इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट डिग्री लेने के बाद भी आज के दौर में नौकरी मिल पाना काफी हद तक असंभव होते जा रही है| ऐसे में आज युवाओं के बीच फार्मेसी एक हॉटेस्ट करियर आप्शन के रूप में उभर कर सामने आई है|आंकड़ो कि बात करे तो इस साल AICTE ने कुल 552 नए कॉलेजों को मान्यता दी है, जिसमें से अकेले 392 कॉलेज फार्मेसी के ही हैं। इंजीनियरिंग में यह आंकड़ा 102 और मैनेजमेंट में 47 है।

    ध्यान देने लायक बातें

    • इस साल सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता, रोजगार न दिला पाने कि विफलता व अन्य कमियों के चलते कुल 189 कॉलेजों पर ताला लगा दिया है, जिसमें कि इंजीनियरिंग के 130, फार्मेसी के 21 और मैनेजमेंट के 83 कॉलेज हैं
    • सूत्रों कि माने तो कुल 242 कॉलेजों के डिग्री प्रोग्राम में पहले वर्ष कोई नया दाखिला नहीं लिया जायेगा| हालाँकि, पुराने छात्रों की पढ़ाई सेमेस्टर ख़तम रहने तक जारी रहेगी।
    • इस शैक्षणिक सत्र में उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करते करीब 9834 कॉलेजों को ही पढ़ाई कराने की मंजूरी मिली है|

    शिक्षा से जुड़ीं ऐसे ही ढेर सारे न्यूज़ अपडेट को सीधा अपने मोबाइल में पाने के लिए हमे सब्सक्राइब करना ना भूले|

    भविष्य की शुभकामनाएं|

    Summary
    Review Date
    Reviewed Item
    शैक्षणिक सत्र 2018-19 से: इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और फार्मेसी के साढ़े 3 लाख सीट होगीं खत्म
    Author Rating
    51star1star1star1star1star
    Disclaimer: All the information (including colleges, universities, their respective courses etc.) on Edufever.com has been compiled from the respective websites, newspaper and other reliable sources available in the public domain. While every care has been taken to present the information in most comprehensive, accurate and updated form during compilation, yet Edufever doesn't take any kind of responsibility regarding the content. However, if you have found any inappropriate or wrong information/data on the site, inform us by emailing us at [[email protected]] for rectification/deletion/updating of the same.

    1 COMMENT

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here