बिहार के लाल ने रचा कमाल; गूगल से मिली एक करोड़ का सालाना पैकेज

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    Patna Adarsh Kumar Gets 1 crore package from Google
    Patna Adarsh Kumar Gets 1 crore package from Google

    दोस्तों जब हमारे अंदर कुछ कर गुजरने का इरादा बुलंद हो, तो हम विपरीत परिस्थितियों में भी हर असंभव कार्य को संभव करने के लिए जी जान से लग जाते है | यह कथन पटना के आदर्श कुमार पर बिलकुल सटीक बैठता है| प्रतिकूल परिस्तिथियों के बावजूद भी आदर्श कुमार ने गूगल कंपनी से 1 करोड़ 20 लाख का सालाना पैकेज प्राप्त कर बिहार का परचम एक बार फिर पूरी दुनिया में फहरा दिया|

    यहां यह बताते चले कि आदर्श कुमार ने इंटरमीडिएट की परीक्षा में 94 फीसदी अंक प्राप्त किया था| इसके बाद JEE Mains एंट्रेंस एग्जाम को पास कर आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री अर्जित की| दिलचस्प बात तो यह है कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री होने के बावजूद गूगल कंपनी ने आदर्श को सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर के रूप में 1 करोड़ 20 लाख सालाना पैकेज देकर सबको अचंभित कर दिया|

    मैकेनिकल इंजीनियरिंग से सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर तक का सफर

    मैकेनिकल इंजीनियरिंग से सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर तक का सफर आदर्श के लिए आसान नहीं था| चलिए आज हम आपको पटना के आदर्श कुमार की कहानी उन्ही की ज़ुबानी सुनाते है|

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    “मैंने पटना के बीडी पब्लिक स्कूल से 2014 में इंटरमीडिएट में गणित और रसायन विज्ञान विषय में 100 अंक प्राप्त किये थे | JEE Mains एंट्रेंस एग्जाम पास करने के बाद मैंने आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल ब्रांच में दाख़िला लिया| स्कूल के दिनों से ही गणित विषय में रुझान होने के कारण मेरा मन मैकेनिकल इंजीनियरिंग में नहीं लग रहा था, एक दिन अकेले में बैठ कर मैं गणित में कुछ फॉर्मूले खोज रहा था कि तभी अचानक मुझे मालूम हुआ कि प्रोग्रामिंग में गणित का ही उपयोग होता है |

    आईआईटी रुड़की से गूगल तक का सफर

    आदर्श के कथनानुसार, इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी होने तक प्रोग्रामिंग का मुझे अच्छा एक्सपीरियंस हो गया था और मेरा कॉन्फिडेंस लेवल भी काफी बढ़ गया था | कॉलेज प्लेसमेंट दौरान के मैं एक कंपनी में सेलेक्ट भी हुआ था| लेकिन अचानक एक दिन मेरी मुलाकात मेरे ही सीनियर हर्षिल शाह से हुई | वे गूगल कंपनी में कार्यरत थे | उन्होंने मुझे सलाह दी की , अगर मैं गूगल में नौकरी करना चाहता हूँ तो वो वह मुझे गूगल कंपनी में रेफर कर सकते है| मुझे इस बात का अंदाजा पहले से था की मेरी प्रोग्रामिंग स्किल्स किसी भी प्रोग्रामिंग से जुड़े हुए इंटरव्यू को आसानी से पास कर लेगी|

    उनके कहे अनुसार मैंने गूगल कंपनी में अप्लाई कर दिया| इसके बाद मैने कई सारे ऑनलाइन इंटरव्यू भी दिए | फिर हैदराबाद में मैं ऑन-साइट इंटरव्यू के लिए गया तब जाकर गूगल कंपनी में मेरा चयन हुआ | इन सारी प्रक्रिया में मुझे 2 महीने लग गए | आदर्श ने 1st अगस्त से जर्मनी (म्यूनिख) में नौकरी शुरू की |

    भारत से विदेश तक का सफर

    इसी साल अप्रैल में चीन के बीजिंग में हुए प्रोग्रामिंग कॉनटेस्ट एसीएम-आईसीपीसी कॉम्पटिशन में भी आदर्श  कुमार ने हिस्सा लिया था। इसमें पूरी दुनिया के टीमें आयी थी| इस प्रतियोगता में प्रोग्रामिंग से जुड़े समस्या के कोड लिखने थे। भारत की आठ टीमों में इनकी टीम का दूसरा स्थान रहा तथा दुनिया भर की 140 टीमों में इनकी टीम का 56 वां स्थान रहा |  आदर्श के लिए उनका कॉलेज और उनके टीचर ही उनके आदर्श रहे |

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