ग्राफिक डिज़ाइन: आधुनिक रोजगार की नई संभावनाएं

    career in graphic design in hindi
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    Career in Graphic Design in Hindi: आज का युग सूचना और मीडिया का युग है|जिसमे सन्देश और सूचनाओ ने वर्तमान की जरुरत के मुताबिक एक संछिप्त रूप इख्तियार कर लिया है| जिसका सीधा कारण है लोगो के दिनचर्या का व्यस्त होना और पढने के लिए अतिरिक्त समय न निकल पाना| इसी को देखते हुए सूचनाओ और संदेशो ने अपने मूल रूप को बदलकर उसे चित्र ,ग्राफ़िक्स होल्डिंग और विज्ञापन की शक्ल दे दी है| जिससे उपभोक्ता को कंटेंट से बांधा जा सके| क्या अपने कभी सोचा है की आप जो बड़े-बड़े बैनर, लोगो, चित्रों आदि को देखते है वो कैसे बनते है| तो यह पूरी प्रक्रिया ग्राफ़िक्स डिज़ाइन के द्वारा संभव हो पाती है और इन्हें बनाने वालो को ग्राफ़िक्स डिज़ाइनर कहते है |

    ग्राफ़िक्स डिजाइनिंग  typography, photography, illustration के सम्मिलित प्रयोग से की गयी प्रक्रिया है जिसके द्वारा visual communication की समस्याओं का निस्तारण किया जाता है।ग्राफ़िक डिज़ाइन में चित्रों, प्रतीकों के प्रयोग से एक image तैयार की जाती है।जिससे एक प्रकार की सूचना और सन्देश कायम होता है  चलिए आज हम जानते है कि ग्राफ़िक डिज़ाइन क्या है,और ग्राफ़िक्स डिज़ाइन आधुनिक रोजगार की नई संभावनाए  किस प्रकार पैदा कर रहा है| साथ ही इससे सम्बंधित कोर्स ,संस्थान और योग्यता के बारे में

    ग्राफ़िक्स डिज़ाइन का इतिहास (History Of Graphic Design)

    ग्राफ़िक डिज़ाइन को आज हम जहां एक नवीन कला के रूप में देखते है|वही ग्राफ़िक डिजाइन का इतिहास(History Of Graphic Design) भीं उतना ही पुराना है जितना की हमारी सभ्यता का क्योकि हमारी शुरुवाती लिपि शब्द आधारित न होकर चित्र चिन्ह संकेत आधारित थी| लेकिन व्यवस्थित तौर पर  ग्राफ़िक डिज़ाइन शब्द सर्वप्रथम सन 1922 में विलियम्स एडीसन दिगिन्स ने उपयोग किया था। Lascaux की प्राचीन गुफाएं, Illuminati हस्तलिपि में ग्राफ़िक डिज़ाइन के प्रमाण मिलते हैं। 20वीं सदी के अंत में विज्ञापन, LOGO, ग्राफ़िक आर्ट का चलन बढ़ने से ग्राफ़िक डिज़ाइन का महत्व काफ़ी बढ़ गया है। आज इनके Profession की मांग बहुत ज्यादा बढ़ गयी है। यदि आप भी इस क्षेत्र में रोज़गार चाहते है तो आपको इसका ज्ञान होने के साथ ही रचनात्मक दृष्टि से भी बेहतर होना आवश्यक है|

    ग्राफ़िक्स डिज़ाइन क्या है (What Is Graphic Design)

    ग्राफ़िक्स डिज़ाइन में मुख्य रूप से लोगो, बैनर, ब्लॉग, वेबसाइट आदि को डिज़ाइन करने के बारे में बताया जाता है | ग्राफ़िक्स डिज़ाइनर अक्सर स्टूडियो में काम करते है| ग्राफ़िक्स डिज़ाइनर को ड्राफ्टिंग टेबल, कंप्यूटर और उनके डिज़ाइन बनाने के लिए जरूरी सॉफ्टवेयर का ज्ञान दिया जाता है|

    इसमें ग्राफ़िक्स डिज़ाइन से जुड़े सभी तथ्यों को विस्तार से बताया जाता है|अधिकतर छात्र डिग्री कोर्स करना पसंद करते है मगर कुछ छात्र डिप्लोमा कोर्स करके भी अपने भविष्य को सुनहरा बनाते है|

    ग्राफ़िक्स डिज़ाइन कोर्स (Graphic Design Course)

    अगर आप ग्राफ़िक्स डिज़ाइन से जुड़े तथ्यों से अवगत हो चुके हो| ग्राफ़िक्स डिज़ाइन में करियर बनाने हेतु छात्र के पास 12वीं में विज्ञान (PCM) विषय का होना आवश्यक है। और आप अपना करियर ग्राफ़िक्स डिज़ाइन में बनाना चाहते है तो आपके पास ग्राफ़िक्स डिज़ाइन में प्रवेश पाने के निम्नलिखित रास्ते है आप चाहे तो ग्राफ़िक डिजाईन कोर्स (Graphic Design course) को कर ग्राफ़िक्स डिज़ाइन में अपना करियर बना सकते है |

    • B.tech in Computer Science
    • Diploma in Graphic Design
    • Certified Courses in Graphics Design

    ग्राफ़िक्स डिज़ाइन के कार्य क्षेत्र (sectors of graphi design)

    यदि आप भी में ग्राफ़िक्स डिज़ाइन अपना करियर बनाना चाहते है तो ऊपर दिए गये कोर्स में से किसी एक को चुन सकते है |आइये अब हम आपको ग्राफ़िक्स डिज़ाइन के कार्य क्षेत्र के बारे में बताते है | ग्राफ़िक्स डिज़ाइन कोर्स करने के बाद आप चाहे तो इन करियर प्रोफाइल को चुन सकते है|

    • ग्राफ़िक डिज़ाइन
    • वेब डेवलपर्स
    • कला निर्देशक
    • विपणन विशेषज्ञ
    • सॉफ्टवेयर अनुप्रयोग डेवलपर्स
    • विपणन प्रबंधक

    ग्राफ़िक्स डिज़ाइन के लिए आवश्यक योग्यता (Eligibility For Graphic Design)

    • Eligibility (योग्यता): उम्मीदवारों को दाख़िला पाने के लिये किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज से 10+2 में विज्ञान विषय (PCM) के साथ न्यूनतम 50% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है|
    • Age (उम्र): 16 वर्ष या उससे अधिक
    • Qualification (शैक्षिक योग्यता): इंटरमीडिएट
    • Admission Process (प्रवेश प्रक्रिया): जेई एडवांस, राज्य स्तरीय इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम

    आवश्यक कौशल (Skill Required)

    • विश्लेषणात्मक कौशल
    • कलात्मक क्षमता
    • अच्छी कम्युनिकेशन स्किल
    • कंप्यूटर दक्षता
    • रचनात्मकता कौशल
    • समय प्रबंधन क्षमता
    • प्रौद्योगिकी कौशल

    भविष्य की संभावनाएँ (Future Possibilities)

    ग्राफ़िक्स डिज़ाइन में डिग्री प्राप्त कर आप आसानी से नौकरी पा सकते है | आप Software Industry, Advertisement Industry आदि में आसानी से नौकरी से पा सकते है | आप ग्राफ़िक डिज़ाइन, वेब डेवलपर्स, आर्ट डायरेक्टर बन कर अपने भविष्य को नयी बुलंदियों तक ले जा सकते है | आप अन्तराष्ट्रीय कंपनी में भी अप्लाई कर सकते है |

    सैलरी (Salary)

    सैलरी के लिहाज से ग्राफ़िक्स डिज़ाइन में करियर बना कर आप आने करियर को नयी बुलंदियों तक पंहुचा सकते है| पहली वजह इसमें शुरुआती सैलरी(salary) का काफी अच्छा होना तथा दूसरी वजह आप अन्तराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते है यह कहना गलत न होगा की इस फ़ील्ड में करियर के लिहाज़ से अच्छे विकल्प है | ग्राफ़िक्स डिज़ाइन से जुड़े स्नातक छात्रों को कोई भी ग्राफ़िक डिज़ाइन कम्पनी प्रथम प्राथमिकता देता है | आप शुरुआत में ढाई लाख तक सालाना सैलरी पा सकते है | कुछ दिनों बाद अनुभव के अनुसार ग्राफ़िक्स डिज़ाइन में आपकी सैलरी बढ़ती जाती है | करियर और सैलरी के अनुसार ग्राफ़िक्स डिज़ाइन में आपका भविष्य सुनहरा हो सकता है |

    प्रमुख संस्थान (Top Colleges in India)

    • एनआईडी (राष्ट्रीय संस्थान का डिजाइन), अहमदाबाद
    • आईआईटी बॉम्बे
    • पर्ल अकादमी, दिल्ली
    • एनआईएफटी, दिल्ली
    • एमआईटी इंस्टिट्यूट ऑफ डिज़ाइन, पुणे
    • अमिटी नोएडा
    • एमएएसी दिल्ली
    • एरिना दिल्ली एनसीआर

    यदि उपरोक्त जानकारियाँ, ग्राफ़िक्स डिज़ाइन से जुड़े आपके सवालों का जवाब देने में हम सामर्थ्य रहे हो तो अपने बहुमूल्य सुझाव हमे देना न भूले |

    Read Also: 

    यदि आप भी करियर संबंधित किसी भी तरह की परेशानियों से जूझ रहे है तो हमसे संपर्क करना ना भूले | याद रहे केवल उचित मार्गदर्शन से ही हर असंभव को संभव किया जा सकता है | आप अपनी उलझने हमे नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट कर भी हमसे सवाल पूछ सकते है |

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    ग्राफिक डिज़ाइन: आधुनिक रोजगार की नई संभावनाएं
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    ग्राफिक डिज़ाइन: आधुनिक रोजगार की नई संभावनाएं
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    ग्राफ़िक्स डिजाइनिंग  typography, photography, illustration के सम्मिलित प्रयोग से की गयी प्रक्रिया है जिसके द्वारा visual communication की समस्याओं का निस्तारण किया जाता है।
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