Petroleum Engineering: पृथ्वी के गर्भ में छुपी बेहतर भविष्य की संभावना

    Career in Petroleum engineering in hindi
    Career in Petroleum engineering in hindi

    आज के समय में हमारे दैनिक जीवन में पेट्रोलियम का काफी ज्यादा महत्व है। यह वाहनों में मुख्यतः प्रयोग होता है किंतु इसके अतिरिक्त विद्युत, ऊष्मा, औद्योगिक इंडस्ट्री में, मशीनों में पॉवर उत्पन्न करने में, लुब्रिकेंट्स तथा अन्य उप-उत्पादों जैसे वैसलिन, ग्रीस, मोबिल आदि के रूप में भी इसका उपयोग किया जाता है।पेट्रोलियम शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द petra और oleum से हुई है जिसका तात्पर्य है चट्टान और तेल।

    पेट्रोलियम या खनिज तेल मुख्यतः असंतृप्त हाइड्रोकार्बन और कार्बोनिक यौगिक होते है, जिनका गठन मृत जीव, शैवाल आदि से होता है|जो लाखों करोड़ों वर्षों तक जमीन के नीचे दबे रहते है और इसी दबाव और गर्मी के बीच रासायनिक प्रक्रियाओं के द्वारा खनिज तेल का निर्माण होता है। चलिए आज हम आपको पेट्रोलियम इंजीनियरिंग : पृथ्वी के गर्भ में छुपी बेहतर भविष्य की संभावना के बारे में विस्तार से बताते है कि पेट्रोलियम इंजीनियरिंग क्या है, और इससे  सम्बंधित  कोर्स, संस्थान, व योग्यता इत्यादि के बारे में|

    पेट्रोलियम इंजीनियरिंग का इतिहास (History of Petroleum)

    अगर देखे तो हम पायेंगे कि पेट्रोलियम का उपयोग क्रूड ऑयल के रूप में लगभग 4000 वर्षों से हो रहा है, बेबीलोन, चीन, ग्रीक, मिस्र, अरब देश, और भारत में कैरोसीन ऑयल के रूप में इसका इस्तेमाल  लैंप और चिराग़ में होता था। विश्व में पहली ऑयल रिफ़ाइनरी 1856 में शुरू की गई। तब से लेकर आज तक पेट्रोलियम की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। आज के समय में पेट्रोलियम उद्योग में कुशल professionals की अत्यंत आवश्यकता है। यदि आप भी पेट्रोलियम के क्षेत्र में रोज़गार के सुअवसर पाना चाहते है तो आपको पेट्रोलियम विषय की अच्छी जानकारी होनी जरुरी है|

    पेट्रोलियम इंजीनियरिंग क्या है (What is Petroleum Engineering)

    पेट्रोलियम इंजिनियरिंग में विद्यार्थी को खनिज तेल के शोधन, उसके उप-उत्पादों का निर्माण, क्रूड ऑयल की प्रकृति, खनिज तेल के नये नये श्रोत की खोज करना आदि विषयों के बारे में पढ़ाया जाता है। जिससे आप तेल शोधक इंजीनियर, ड्रिल तकनीशियन आदि बन कर पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकते है|

    पेट्रोलियम इंजीनियरिंग कोर्स (Petroleum Engineering Course)

    अगर आप पेट्रोलियम इंजीनियरिंग से जुड़े तथ्यों से अवगत हो चुके हो,और पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में करियर बनाना चाहते है|तो आपके पास 12वीं में विज्ञान (PCM) विषय का होना आवश्यक है। और अगर आप भी पेट्रोलियम इंजीनियरिंग कोर्स(petroleum engineering course)करके अपना करियर इस दिशा  में बनाना चाहते है तो आपके पास प्रवेश पाने के निम्नलिखित रास्ते है।आप चाहे तो इन कोर्स को कर पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में अपना करियर बना सकते है ।

    • परास्नातक
    • बी.टेक इन पेट्रोलियम
    • डिप्लोमा कोर्स

    पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के कार्य क्षेत्र (Sectors of Petroleum Engineering)

    यदि आप भी  पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में अपना करियर बनाना चाहते है तो ऊपर दिए गये कोर्स में से किसी एक को चुन सकते है| आइये अब हम आपको पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के कार्य क्षेत्र के बारे में बताते है|ताकि कोर्स करने के बाद आप चाहे तो इन करियर प्रोफाइल को चुन सकते है |

    • प्रोडक्शन इंजीनियर
    • तेल शोधक इंजीनियर
    • ड्रिल तकनीशियन
    • खनन इंजीनियर

    Petroleum Engineering के लिए आवश्यक योग्यता

    Eligibility (योग्यता)
    • उम्मीदवारों को स्नातक में दाख़िला पाने के लिये किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज से 10+2 में PCM के साथ न्यूनतम 50%  (कुछ यूनिवर्सिटी में 10th व 10+2 दोनों में 60 %)अंक प्राप्त करना अनिवार्य है |
    • उम्मीदवारों को परास्नातक में दाख़िला पाने के लिये किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज से संबंधित विषय में स्नातक में डिग्री प्राप्त करना अनिवार्य है |
    Age (उम्र)
    • 16 वर्ष या उससे अधिक
    Qualification (शैक्षिक योग्यता)
    • स्नातक
    • इंटरमीडिएट
    Admission Process (प्रवेश प्रक्रिया)
    • GATE
    • जेई मेंस
    • राज्य स्तरीय इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम

    आवश्यक कौशल(Skills Required)

    • विज्ञान और गणित में क्षमता
    • अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स
    • टीम-वर्क स्किलस
    • रचनात्मक दृष्टिकोण

    भविष्य की संभावनाएँ (Future Possibilities)

    पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त कर आप आसानी से नौकरी पा सकते है| आप ONGC, Relience Petroleum, Essar, GAIL, Bharat Petroleum, Hindustan Petroleum, Indian oil जैसी कंपनियों में अवसर तलाश कर अपने भविष्य को नई ऊंचाईयो तक पहुंचा सकते हैं।

    सैलरी (Salary)

    सैलरी और करियर के लिहाज से इसमें असीम संभावनाए है जिसमे शुरुआती सैलरी (SALARY) का काफी अच्छा होना तथा करियर के लिहाज़ से भी इसमें अच्छे विकल्प शामिल है| पेट्रोलियम इंजीनियरिंग से जुड़े स्नातक छात्रों को कोई भी पेट्रोलियम कम्पनी प्रथम वरीयता देती है| आप शुरुआत में तीन लाख से पांच लाख तक सालाना सैलरी पा सकते है| जिससे पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में आपका भविष्य सुनहरा हो सकता है |

    प्रमुख संस्थान (Prominant Institutes)

    • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मुंबई
    • इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स यूनिवर्सिटी (आईएसएम), धनबाद
    • राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान (आरजीआईपीटी), उत्तर प्रदेश
    • पेट्रोलियम और ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय (यूपीईएस), देहरादून
    • पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय (पीडीपीयू), गांधीनगर
    • महाराष्ट्र इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी), पुणे
    • एम एस इंजीनियरिंग कॉलेज, बैंगलोर
    • एलडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, अहमदाबाद
    • जी एच पटेल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, वल्लभ विद्यानगर, गुजरात
    • पेट्रोलियम और ऊर्जा अध्ययन विश्वविद्यालय (यूपीईएस), देहरादून

    पेट्रोलियम इंजिनियरिंग के कैरियर से जुड़े आपके सवालों का जवाब देने में  हम सक्षम रहे हो तो अपने बहुमूल्य सुझाव हमें देना न भूले |

    आप अपनी उलझने हमे नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट कर भी हमसे सवाल पूछ सकते है |

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    Petroleum Engineering: पृथ्वी के गर्भ में छुपी बेहतर भविष्य की संभावना
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    आज के समय में हमारे दैनिक जीवन में पेट्रोलियम का काफी ज्यादा महत्व है। यह वाहनों में मुख्यतः प्रयोग होता है किंतु इसके अतिरिक्त विद्युत, ऊष्मा, औद्योगिक इंडस्ट्री में, मशीनों में पॉवर उत्पन्न करने में, लुब्रिकेंट्स तथा अन्य उप-उत्पादों जैसे वैसलिन, ग्रीस, मोबिल आदि के रूप में भी इसका उपयोग किया जाता है।पेट्रोलियम शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द petra और oleum से हुई है जिसका तात्पर्य है चट्टान और तेल।
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