Physiotherapy: स्वस्थ रोजगार की नयी राह..

    career in physiotherapy in hindi
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    Career in Physiotherapy in Hindi: आज हिन्दुस्तान के ज्यादातर लोग किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त है| जिससे निजात पाने के लिए वह आमतौर पर दवाइयों का सेवन करते है| लेकिन उनके लिए यह जानना भी जरुरी है कि दवाइया जहां पर्याप्त मात्र में हमारे शरीर के लिए लाभदायक है वही उसके अधिकतम सेवन से वह शरीर के लिए नुकसानदेह भी साबित होती है| इसलिए आज मेडिकल क्षेत्र में निरंतर होते अनुसंधान के चलते कुछ बीमारियों से निपटने के लिए विकल्प खोज लिए गए है|जिसमे बिना दवाई, मलहम, पट्टी और इंजेक्शन का उपयोग किये व्यक्ति को उचित उपचार दिया जा सकता है,और यह तकनीक है फिजियोथैरेपी…फिजियोथैरेपी उपचार की एक नवीन विधा है|जिसने मेडिकल के क्षेत्र में आज एक अलग स्थान बना लिया है

    जब कि पुराने समय में इस प्रकार के उपचार की पद्धति नहीं थी|क्योकि लोग व्यायाम, योग करते थे तथा संतुलित आहार के साथ अपनी स्वस्थ दिनचर्या जीते थे। परंतु वर्तमान समय में युवाओं को बाहर का तैलीय आहार ज्यादा पसंद आता है जिनसे उनकी भूख तो मिट जाती है मगर उससे शरीर को सही उर्जा नही मिलती जिसकी वजह से अक्सर उनके शरीर में दर्द रहता है|जिससे निजात पाने के लिए वह फिजियोथैरेपी का चुनाव करते है|भारत में फिजियोथेरेपी शिक्षा की शुरुआत 1953 में BMC, महाराष्ट्र सरकार व WHO के संयुक्त प्रयास से एक स्कूल व सेंटर फॉर फिजियोथैरेपी की स्थापना से हुई। 1962 में Indian Physiotherapist Association की स्थापना हुई। आज के समय में भारत में 30000 से अधिक रजिस्टर्ड फिजियोथैरेपिस्ट है। चलिए हम आपको करियर के दृष्टिकोण से फिजियोथैरेपी के सभी महत्वपूर्ण तथ्यों से अवगत कराते हैं | कि यह क्या हैं, इसमें कैसे करियर बनाएँगे, आवश्यक शैक्षिक योग्यता, प्रमुख संस्थान आदि|

    फिजियोथैरेपी क्या है (What is physiotherapy)

    आज की भाग-दौड़ भरी तनावपूर्ण जिंदगी में हमारे शरीर की मांशपेशियां में खिंचाव, दर्द आम बात है, इस सबके उपचार के साथ डॉक्टर हमें फिजियोथैरेपी की सलाह देकर Physiotherapist के पास भेजता है। भारत में आज इनकी काफी आवश्यकता है। इसके साथ ही फिजियोथैरेपी हड्डियों के टूटने के बाद जुड़ने पर उनके के पूर्व स्वरूप में भी लाने में सहायता करती है। इसमें आपको फिजियोथैरेपी से जुड़े सभी तथ्यों के बारे में बारीकी से बताया जाता है | इस कोर्स के अंतर्गत फिजियोथैरेपी में उपयोग होने वाली तकनीक के बारे में विस्तार से बताया जाता है |

    फिजियोथैरेपी कोर्स ( physiotherapy Course)

    अगर आप फिजियोथैरेपी से जुड़े तथ्यों से अवगत हो चुके हो | फिजियोथैरेपी में करियर बनाने हेतु छात्र को 12वीं में विज्ञान (PCB) विषय का पढ़ना आवश्यक है। और आप फिजियोथैरेपी कोर्स(physiotherapist course) करके इस दिशा में अपना करियर बनाना चाहते है तो आपके पास फिजियोथैरेपी में प्रवेश पाने के निम्नलिखित रास्ते है आप चाहे तो इन कोर्स को कर फिजियोथैरेपी में अपना करियर बना सकते है |

    • Bachelor in physiotherapy
    • Master in physiotherapy
    • Diploma in physiotherapy

    फिजियोथैरेपी के कार्य क्षेत्र (sectors of physiotherapy)

    आइये अब हम आपको फिजियोथैरेपी के कार्य क्षेत्र के बारे में बताते चलते है| फिजियोथैरेपी कोर्स करने के बाद आप चाहे तो इन करियर प्रोफाइल को चुन सकते है |

    • फ़िज़ियोथेरेपिस्ट
    • पुनर्वास विशेषज्ञ
    • सलाहकार
    • स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट

    फिजियोथैरेपी में करियर बनाने के लिए आवश्यक योग्यता (eligibilities)

    Eligibility (योग्यता)
    • उम्मीदवारों को प्रवेश के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज से 10+2 में विज्ञान में 50% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है|
    Age (उम्र)
    • 17 वर्ष या उससे अधिक
    Qualification (शैक्षिक योग्यता)
    • इंटरमीडिएट
    • फिजियोथैरेपी से स्नातक
    Admission Process (प्रवेश प्रक्रिया)
    • एंट्रेंस एग्जाम

    आवश्यक कौशल(skill required)

    • दीर्घकालिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता।
    • सटीकता और विस्तार पर अच्छा ध्यान|
    • जटिल तकनीकी निर्देशों को समझाने और समझने की क्षमता।

    नौकरी के विकल्प (job options)

    फिजियोथैरेपी में नौकरी के विकल्प(job option) काफी सुनहरे है|फिजियोथैरेपी के डॉक्टर की वर्तमान समय में ज्यादा मांग है| हर अस्पतालों में इसके लिए एक अलग से विभाग होता है | ग़ौरतलब है कि,आप अपना क्लिनिक भी खोल सकते है, इससे अच्छी इनकम भी होती हैं|आप सरकारी क्षेत्र में भी नौकरी पा सकते है| करियर और सैलरी के लिहाज से हम कह सकते है कि फिजियोथैरेपी में करियर बनाकर आपके सुनहरे भविष्य का सपना पूरा हो सकता है|

    सैलरी (salary)

    फिजियोथैरेपी कोर्स करने के बाद आप किसी भी हॉस्पिटल में आपको शुरुआत में 7-15 हजार रूपये की सैलरी (salary)आसानी से मिल सकती है। इसके अतिरिक्त आप स्वयं का क्लिनिक खोल कर 1000-1500 रुपये तक प्रतिदिन पा सकते है। फिजियोथैरेपी करने के बाद हॉस्पिटल इंडस्ट्री में आप को जॉब आसानी से मिल जाएगी।

    अत: करियर के लिहाज से हम कह सकते है कि फिजियोथैरेपी में करियर बनाना आपका अच्छा निर्णय हो सकता हैं, जो आपके करियर को एक नयी ऊँचाई तक ले जा सकता हैं|

     

    फिजियोथैरेपी के प्रमुख संस्थान(prominent institute of physiotherapy)

    • मद्रास मेडिकल कॉलेज
    • बीएचयू वाराणसी
    • पीजीएमआईएस रोहतक
    • बीएफयूएचएस, फरीदकोट पंजाब
    • हमदर्द इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च, दिल्ली
    • गुरु गोविंद सिंघ इन्द्रप्रथ यूनिवर्सिटी, दिल्ली
    • जामिया मिलिया, दिल्ली
    • अन्नामलाई यूनिवर्सिटी, तमिलनाडु
    • एमिटी यूनिवर्सिटी , नोएडा

    यदि उपरोक्त जानकारियाँ, फिजियोथेरेपी से जुड़े आपके सवालों का जवाब देने में हम समर्थ रहे हो तो अपने बहुमूल्य सुझाव हमे देना न भूले |

    आप अपनी उलझने हमे नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में कमेंट कर भी हमसे सवाल पूछ सकते है |

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    आज हिन्दुस्तान के ज्यादातर लोग किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त है| जिससे निजात पाने के लिए वह आमतौर पर दवाइयों का सेवन करते है| लेकिन उनके लिए यह जानना भी जरुरी है कि दवाइया जहां पर्याप्त मात्र में हमारे शरीर के लिए लाभदायक है वही उसके अधिकतम सेवन से वह शरीर के लिए नुकसानदेह भी साबित होती है|
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