Chapter 1: कंप्यूटर सामान्य परिचय (Computer Basics in Hindi)

    Chapter 1 Computer Awareness in Hindi
    Chapter 1 Computer Awareness in Hindi

    कंप्यूटर क्या है: कंप्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो डाटा इनपुट डिवाइस के द्वारा यूजर से लेता है, उसे प्रोसेस करता है और हमें निश्चित प्रारूप में आउटपुट देता है. कंप्यूटर ये सारी चीजें बहुत ही तीव्र गति से करता है.

    कंप्यूटर को समझने से पहले वे शब्द जिसका उपयोग हम आगे करेंगे:

    डेटा (Data): तथ्यों और सूचनाओं के अव्यवस्थित संकलन को डेटा कहते हैं. डेटा को दो प्रकारों में बाँटा जा सकता है:

    • संख्यात्मक डेटा (Numerical Data): यह अंको से बना डेटा है जिसमे 0 से लेकर 9 तक के अंको का प्रयोग किया जाता है. इस तरह के डाटा पर हम अंकगणितीय क्रियाए कर सकते हैं.
      जैसे: कंपनी के अंदर क्रमचारियों की सख्या, क्रमचारियों का बेतन आदि.
    • चिन्हात्मक डेटा (Alphanumeric Data): इसमें अक्षरों, अंको तथा चिन्हों का प्रयोग किया जाता है. इसमें अंकगणितीय क्रियाए नहीं की जा सकती है, पर इनकी तुलना की जा सकती है.
      जैसे: कर्मचारीयों का पता.

    डेटा प्रोसेसिंग (Data Processing): डेटा के उपयोगिता के आधार पर किया जाने वाला विशलेषण डेटा प्रोसेसिंग कहलाता है.

    Get Latest Info. About this Story/Article, via SMS & Email.

    सुचना (Information): डेटा के उपयोगिता के आधार पर किये गए विशलेषण और संकलन के बाद प्राप्त तथ्यों को सुचना कहते हैं.

    सुचना प्राप्ति (Information Retrieval): आवश्कतानुसार सुचना को पुन: प्राप्त करने की विधि सुचना-प्राप्ति कहलाती है.

    डेटाबेस (Database): यह डाटा का डिजिटल शैली में व्यवस्थित संकलन है जिसका उपयोग विभिन्न रूपों में किया जा सकता है.

    डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (Database Management System): डिजिटल डेटाबेस के प्रबंधन, उसमे परिवर्तन, प्रोसेस तथा संकलन करने के लिए प्रयुक्त सॉफ्टवेर को डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम कहा जाता है.

    इलेक्ट्रॉनिक डेटा प्रोसेसिंग (Electronic Data Processing): इलेक्ट्रॉनिक विधि से डेटा का विशलेषण इलेक्ट्रॉनिक डेटा प्रोसेसिंग कहलाता है.

    अनुदेश (Instruction): कंप्यूटर को कार्य करने के लिए दिए गए आदेश को अनुदेश कहते हैं.

    प्रोग्राम (Program): कंप्यूटर को दिए जाने वाले अनुदेशों के समूह को प्रोग्राम कहा जाता है.

    सॉफ्टवेर (Software): प्रोग्रामों के समुच्चय को, जो कंप्यूटर के विभिन्न कार्यों के सफल क्रियावयन के लिए उत्तरदायी होता है उसे सॉफ्टवेर कहते हैं.

    कंप्यूटर के विभिन्न अंग (Parts of Computer System)

    जैसा की हम जानते हैं, उपकरणों का एक समूह जो एकसाथ मिलकर डेटा प्रोसेस करता है कंप्यूटर कहलाता है. कंप्यूटर सिस्टम में अनेकों इकाईयां होती हैं जिनका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक डाटा प्रोसेसिंग में होता है. बुनियादी कंप्यूटर प्रोसेसिंग चक्र में इनपुट, प्रोसेसिंग और आउटपुट शामिल होते हैं.

    कंप्यूटर प्रोसेसिंग
    कंप्यूटर प्रोसेसिंग

    कंप्यूटर सिस्टम के घटक

    (1.) इनपुट यूनिट (Input Unit): इनपुट इकाई यूजर (User) से डेटा प्राप्त कर सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट को इलेक्ट्रॉनिक प्लस के रूप में प्रवाहित (transmit) करता है.

    उदहारण स्वरुप आप एटीएम (ATM) मशीन को देखें, जब भी हम एटीएम से रुपए निकासी करते हैं हमें पिन नंबर डालना पड़ता है. इनपुट हम इनपुट डिवाइस के द्वारा डालते हैं.

    इनपुट डिवाइस के कुछ उदहारण जिसके बारे में हम आगे के चैप्टर में पढेंगे: की-बोर्ड, माउस, जोस्टिक, प्रकाशीय पेन, स्कैनर, बार कोड रीडर इत्यादि.

    (2.) सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (Central Processing Unit): CPU का कार्य होता है दिए गए डेटा को प्रोसेस करके सूचनाये देना जो कि आउटपुट डिवाइस के माध्यम से होता है.

    CPU से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बातें:

    • इसके उंदर ही प्रोसेसर होता है.
    • यह एक इलेक्ट्रॉनिक माइक्रोचिप है जो डेटा को इनफार्मेशन में बदलते हुए प्रोसेस करता है.
    • इसे कंप्यूटर का ब्रेन कहा जाता है.
    • यह कंप्यूटर सिस्टम के सारे कार्यों को निरंत्रित करता है तथा यह इनपुट को आउटपुट में रूपांतरित करता है.

    CPU को मुख्यतः तीन भागों में बाँटा गया है:

    i. कण्ट्रोल यूनिट
    ii. अर्थमेटिक लॉजिक यूनिट
    iii. मेमोरी

    (i.) कण्ट्रोल यूनिट (Control Unit): कण्ट्रोल यूनिट कंप्यूटर की आन्तरिक क्रियाओ को संचालित करके, उन्हें नियंत्रित करती है. तत्पश्चात इन क्रियाओं का ए.एल.यू तथा मैमोरी में आदानप्रदान करती है.

    (ii) अर्थ मैटिक लॉजिक यूनिट (Arithmetic Logic Unit): यहाँ ध्यान देने वाली बात है आप इसके नाम को ध्यान से पढ़ें यह सभी प्रकार के अर्थ मैटिक और लॉजिकल क्रियाये करती है. ALU कण्ट्रोल यूनिट से डेटा तथा निर्देशों को प्राप्त करके उन्हें क्रियान्वित करता है. तत्पश्चात डेटा तथा निर्देशों को सूचना के रूप में मैमोरी में भेज देता है.

    (iii) मैमोरी (Memory): यह डेटा तथा निर्देशों को संग्रह करने में प्रयुक्त होता है. मेमोरी के मुख्यतः दो प्रकार होते हैं प्राइमरी मेमोरी तथा सेकेंडरी मैमोरी.

    आगे पढने के लिए पृष्ट 2 पर जाए…

    Disclaimer: If you have found any inappropriate or wrong information/data on the site, inform us by emailing us at mail[@]edufever.com for rectification/deletion/updating of the same.

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here