Chapter 2: कंप्यूटर का विकास (Development of Computer)

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    Development of Computer in Hindi
    Development of Computer in Hindi
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    कंप्यूटर का इतिहास (History of Computers): कंप्यूटर का इतिहास पुराना है, लेकिन भारत के संदर्भ में देखें तो कंप्यूटर पूर्ण रूप से 19वी शताब्दी में विकसित हुआ.

    कंप्यूटर का इतिहास (History of Computers)

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    1. अबाकस (Abacus): अबाकस विश्व का पहला कंप्यूटर है, इसका शुरुआती दौर में सिर्फ गणना करना होता था.

    आरंभिक अबाकस का अविष्कार प्राचीन बेबीलोन में हुआ, परन्तु इसके एडवांस रूप का विकास चीन में हुआ. आधुनिक शोधों से पता चलता है कि इसका अविष्कार ली काई चेन (Lee Kai Chen) ने किया था.  Abacus के ढांचे की बात करें तो यह आयताकार होता था जिसके अन्दर तारों का एक फ्रेम लगा होता है.

    2. नेपियर बोंस (Napier Bones): नेपियर बोंस का अविष्कार स्कॉटलैंड के गणितज्ञ जॉन नेपिअर ने किया था.

    इसके अविष्कार होने से गुणा करने कि क्रिया में काफ़ी आसानी हुई, नेपियर बोंस में दस पट्टियाँ होती थी जिन पर क्रमशः 0 से 9 तक के पहाड़े अंकित होते थे.

    3. स्लाइड रुल (Slide Rule): शुरुआती दिनों से ही कंप्यूटर के देवेलोप्मेंट में गणितज्ञ का बड़ा हाथ रहा है, स्लाइड रूल का भी अविष्कार एक गणितज्ञ ने ही किया था वे ज़र्मनी से ताल्लुकात रखते थे नाम था विलियम आउटरेड.

    यह यंत्र लघुगणक विधि के आधार पर सरलता से गणनाए कर सकता था.

    बीसवी शताब्दी के आठवे दशक में इलेक्ट्रॉनिक्स पॉकेट कैलकुलेटर के अस्तित्व में आने के पश्चात् इसका प्रयोग बंद हो गया.

    4. पास्कल कैलकुलेटर (Pascal Calculator): प्रथम गणना मशीन (Mechanical Calculator) का निर्माण सन 1645 में फ्रांस के गणितज्ञ ब्लेज़ पास्कल (Blaise Pascal) किया था.

    इस कैलकुलेटर में इंटरलॉकिंग गियर्स का उपयोग किया गया था, जो 0 से 9 संख्या को दर्शाता था. यह केवल जोड़ घटाव में ही सक्षम था.

    5. लिब्निज का यांत्रिक कैलकुलेटर (Mechanical Calculator of Leibnitz): जर्मन गणितज्ञ गोटफ्रेड वान लिब्निज ने यांत्रिक कैलकुलेटर (Mechanical Calculator) का अविष्कार किया था.

    यह मशीन जोड़, घटाव के साथ-साथ गुणा व भाग कर सकने में भी समर्थ थी.

    6. चार्ल्स बेबेज का डिफरेंस इंजन (Charles Babbage’s Difference Engine): कैंब्रिज विश्विद्यालय के गणितज्ञ प्रोफेसर चार्ल्स बेबेज ने इस यंत्र का अविष्कार किया था.

    इस मशीन में शाफ़्ट तथा गियर लगे होते थे तथा यह मशीन भाप से चलती थी. इस मशीन की सहायता से विभिन्न बीजगणितीय फलनों का मान दशमलव के 20 स्थानों तक शुद्धतापूर्वक ज्ञात किया जा सकता है.

    7. बेबेज का एनालिटिकल इंजन (Analytical Engine of Babbage): डिफरेंस इंजन की सफलता के पश्चात चार्ल्स बेबेज ने इस यंत्र की रूप रेखा तैयार की, जो आधुनिक युग में प्रयुक्त हो रहे कोम्पुटरों से काफ़ी हद तक सामान्य है.

    एनालिटिकल इंजन एक मैकेनिकल इंजन है. इस यंत्र के मुख्यतः पांच भाग थे जो विभिन्न कार्यों के लिए प्रयुक्त होते थे.

    1. इनपुट इकाई
    2. स्टोर
    3. मिल
    4. कण्ट्रोल
    5. आउटपुट इकाई

    8. लेडी एडा अगस्टा (Lady Ada Augusta): इन्होंने एनालिटिकल इंजन में पहला प्रोग्राम डाला. इन्हें दुनिया का प्रथम प्रोग्रामर (Programmer) भी कहा जाता है. इन्हें दो अंको की संख्या प्रणाली बाइनरी प्रणाली (Binary System) के अविष्कार का श्रेय भी है.

    9. जेकार्ड्स लूम (Jacqard’s Loom): फ्रांस के एक टेक्सटाइल इंजिनियर ‘जेकार्ड्स’ ने कपड़े बुनने के एक लूम का निर्माण किया जो कपड़ों में स्वत: ही डिजाईन तथा पैटर्न बना देता था. यहाँ आपको बता दे कि जेकार्ड्स लूम की मुख्यतः दो विशेषताएं थी:

    1. पंचकार्ड के उपयोग से सुचना (Information) तथा निर्देशों (Instruction) को कोडित (Coded) किया जा सकता था.
    2. पंचकार्ड में कोडित सुचना तथा निर्देशों का समूह एक प्रोग्राम के रूप में कार्य करता था.

    10. सेंसेस टेस्वचालित बुलेटर (Census Tabulator): 1890 में अमेरिका के वैग्यानिक हर्मन होलेरिथ (Herman Hollerith) ने इस विद्युतचालित यंत्र का अविष्कार किया जिसका प्रयोग अमेरिका जनगणना में किया गया. इसे पंचकार्ड (Punch Card) के अविष्कार का श्रेय भी दिया जाता है.

    11. मार्क-I (Marc-I): 1937 से 1944 के बीच आईबीएम (IBM-Internation Business Machine) नामक कंपनी के सहयोग तथा वैग्यानिक हेवार्ड आईकन (Haward Aikan) के निर्देशन में विश्व के प्रथम पूर्ण स्वचालित विद्युत यांत्रिक (Electro-mechanical) गणना यंत्र का अविष्कार किया गया. इसे मार्क-I नाम दिया गया.

    12. ए.बी.सी. (ABC-Atanasoft-Berry Computer): 1939 में जॉन एटनासॉफ्ट और क्लिफोर्ड बेरी नामक वैज्ञानिकों ने मिलकर संसार का पहला ‘इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर (Electronic Digital Computer)’ का अविष्कार किया, इनके ही नाम पर इसे एबीसी (ABC) का नाम दिया गया.

    13. एनिएक (ENIAC-Electronic Numerical Integrator and Calculator): 1946 में अमेरिकी वैज्ञानिक जे. पी. अकर्ट (J. P Eckert) तथा जॉन मुचली (John Mauchly) ने सामान्य कार्यों के लिए प्रथम पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक (Fully Electronic) कंप्यूटर का अविष्कार किया जिसे एनिएक (ENIAC-Electronic Numerical Integrator and Calculator) नाम दिया गया.

    14. स्टोर्ड प्रोग्राम कॉन्सेप्ट (EDSAC- Stored Program Concept): स्टोर्ड प्रोग्राम कॉन्सेप्ट के अनुसार प्रचालन निर्देश (Operating Instruction) और आकड़ा (Data) जिनका प्रोसेसिंग में उपयोग हो रहा है, उसे कंप्यूटर में स्टोर्ड होना चाहिए और आवश्कतानुसार प्रोग्राम के क्रियान्वयन (Execution) के समय रूपांतरित होना चाहिए.

    15. इडवैक (EDVAC- Electronic Discrete Variable Automatic Computer): एनिएक कंप्यूटर में प्रोग्राम में परिवर्तन कठिन था. इससे निपटने के लिए वान न्यूमेन (Van Neumann) ने संगृहित प्रोग्राम (Stored Program) की अवधारणा दी तथा इडवैक का विकास किया.

     

    Chapter 1: कंप्यूटर सामान्य परिचय (Computer Basics in Hindi)

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