Chapter 8 Internet (Part 2): इंटरनेट के बारे में विस्तृति जानकारी

    इंटरनेट के बारे में विस्तृति जानकारी
    इंटरनेट के बारे में विस्तृति जानकारी

    पिछले अध्याय से आगे…

    पिछले अध्याय में हमलोग इंटरनेट के उपयोग  के बारे में पढ़ रहे थे, उसी को जारी रखते हुए उस से आगे हम पढेंगे.

    इंटरनेट के उपयोग (Use of Internet)

    ऑनलाइन खरीदारी (Online Shopping):

    • ऑनलाइन खरीदारी की प्रक्रिया में उपभोगता उत्पादों या सेवाओं की खरीद इन्टरनेट के माध्यम से करते हैं तथा इन्टरनेट के माध्यम से उपभोगता की माँगों को पूरा किया जाता है |

    मनोरंजन (Entertainment):

    इन्टरनेट का उपयोग मनोरंजन के लिए भी किया जाता है| जैसे- ऑनलाइन गेम, सिनेमा, कहानियाँ, खेल, संगीत, आदि का इन्टरनेट पर असीम भंडार है|

    ई-लर्निंग (E-Learning):

    ई-लर्निंग के माध्यम से आप घर बैठे इंटरनेट पर विभिन्न तरह से पाठ्यक्रम को पढ़ सकते हैं.

    चैटिंग (Chatting):

    इन्टरनेट से जुड़े कम्प्यूटर द्वारा दो व्यक्तियों का आपस में बातचीत करना चैटिंग कहलाता है|

    • इसके द्वारा दूर बैठे व्यक्ति के साथ चैट सर्वर के जरिये संपर्क स्थापित कर की-बोर्ड के माध्यम से विचारों का आदान-प्रदान किया जा सकता है|
    • इसमें दोनों उपयोगकर्ता का कम्प्यूटर पर उपस्थित होना आवश्यक है तथा उसमें तुरंत जबाब भी प्राप्त किया जा सकता है|
    • यह सुविधा Facebook, Gmail, Yahoo, Hotmail इत्यादि सर्विस प्रदाताओं द्वारा उपलब्ध करायी जा रही है|

    ब्लॉग (Blog):

    • यह Web Log का संतिप्ताक्षर है|
    • यह किसी व्यक्ति द्वारा संचालित वेबसाइट है जिसमें वह अपने विचार, घटनाएँ, चित्र तथा चलचित्र डाल सकता है|
    • इस प्रकार ब्लॉग को व्यक्तिगत ऑनलाइन डायरी कहा जा सकता है|
    • इस पर पढने वाला भी अपने विचार प्रकट कर सकता है जिसे कमेंट्स (Comments) कहा जाता है|
    • उपयोग तथा विचार के आधार पर ब्लॉग के कई प्रकार हो सकते हैं| जैसे- Personal Blog,  Art Blog, Photo Blog, Video Blog, Micro Blog आदि|
    • इन्टरनेट पर स्थित सभी ब्लॉग के समूह को ब्लॉगोस्फीयर (Blogosphere) कहा जाता है|

    ऐसे बहुत सारे वेबसाइट है जो फ्री में ब्लॉग बनाने के लिए स्पेस देती है. जैसेः ब्लॉग्स्पॉट या ब्लॉगर, वेब्स डॉट कॉम, Wix.com, WordPress, Tumblr.com, Hubpages.com, Weebly.com, Medium.com, edublogs.org etc.

    इनस्टाग्राम (Instagram):

    • यह एक फोटो शेयरिंग सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट है, जिसे Faecbook Inc द्वारा संचालित किया जाता है|
    • इनस्टाग्राम के जरिये आप पुअर क्वालिटी फोटो को भी अच्छे क्वालिटी के फोटो में प्रवर्तित कर सकते हैं|

    फेसबुक (Facebook):

    • यह एक सोशल नेटवर्किंग साइट है जिसमें इन्टरनेट के जरिए दोस्त बनाने तथा संदेश भेजने का कार्य किया जाता है|
    • फेसबुक का सदस्य स्वयं के फोटो व अन्य जानकारी के साथ एक वेब पेज तैयार करता है तथा अपने बारे में वर्तमान की घटनाओं से अवगत कराता है|
    • इसके द्वारा हम दोस्तों व परीचितों के बारे में नयी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा नए दोस्त भी बना सकते हैं|
    • 13 साल से अधिक कोई भी व्यक्ति इसका सदस्य बन सकता हैं|
    • फेसबुक का आरम्भ मार्क जुकरबर्ग (Mark zuckerberg) द्वारा किया गया तथा इसे facebook Inc कम्पनी द्वारा चलाया व नियंत्रित किया जाता है|

    ट्विटर (Twiter):

    • यह सोशल नेटवर्किंग साइट का एक उदहारण है|
    • इसे माइक्रोब्लोगिंग (Microblogging) भी कहा जाता है|
    • यह इन्टरनेट के जरिए दुनियाँ भर में अपने मित्रों, शुभचिंतकों या फॉलोवर्स (Followers) को ट्विट (Tweet) या संदेश भेजने का सुविधाजनक व तीव्र जरिया है|
    • ट्विट टेक्स्ट आधारित छोटा संदेश है जिसमें अधिकतम 140 अक्षर हो सकते हैं|
    • ट्विट को उपयोगकर्ता या ऑथर (Author) के ट्विटर के मुख्य पेज पर प्रदर्शित किया जाता है|
    • किसी व्यक्ति के बारे में जानने के लिए उस साइट पर जाने वालों को फॉलोवर्स (Followers) कहा जाता है|
    • ट्विटर का उपयोग किसी विषय पर फॉलोवर्स की राय जानने उन्हें संदेश पहुँचाने, पसंदीदा मित्र बनाने, मनोरंजन तथा विज्ञापन आदि के लिए किया जा रहा है|

    यू-ट्यूब (U-Tube):

    • यह एक विडियो शेयरिंग वेबसाइट है जहाँ कोई व्यक्ति विडियो क्लिप डाल सकता है या पहले से डाले गये विडियो क्लिप देख सकता है, डाउनलोड कर सकता है तथा किसी अन्य को भेज सकता है|
    • उपयोगकर्ता किसी विडियो पर अपने विचार छोड़ सकता है|
    • कुछ वेबसाइट पर विडियो डालने या डाउनलोड करने के लिए पंजीकरण (Registration) आवश्यक होता है|
    • यू-ट्यूब का प्रारंभ Paypal कंपनी के तीन व्यक्तियों-चाड हर्ली (Chad Hurley), स्टीव चेन (Steve Chen) तथा जावेद करीम (Jawed Karim) ने मिलकर 2005 ई. में किया|

    वेरोनिका (Veronika):

    • वेरोनिका प्रोटोकॉल गोफर के माध्यम से कार्य करता है|
    • यूजर द्वारा गोफर तथा वेरोनिका का एकसाथ प्रयोग करके किसी भी डेटाबेस तक आसानी से पहुँचा जा सकता है|
    • इनके प्रयोग से आवश्यक सूचनाएँ शिध्रतापूर्वक प्राप्त की जा सकती है|

    आर्ची (Archi):

    • फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल (FTP) में स्टोर फाइलों को खोजने के लिए आर्ची का प्रयोग किया जाता है|
    • आर्ची के द्वारा सूचनाओं के भण्डारण के बीच अपनी जरुरत की सूचना को प्राप्त किया जा सकता है|
    • आर्ची बहुत से सर्वरों से मिलकर बना है, इसके प्रत्येक सर्वर में यह जानकारी होती है कि कौन-सी सूचना किस सर्वर में है तथा किस विषय से सम्बन्धित है|

    इन्टरनेट से सम्बन्धित शब्दावलियाँ  (Internet Related Terminologies)

    इन्टरनेट से जुड़े ऐसे बहुत से महत्त्वपूर्ण शब्द होते हैं, जिनका प्रयोग अलग-अलग कार्यों को करने के लिए मुख्य रूप से किया जाता है|

    इनमें कुछ मह्त्त्वपुर्म शब्द और उनके उपयोग निम्नलिखित हैं:

    ऑफलाइन (Offline): ऑफलाइन सम्पर्क में यूजर इन्टरनेट में उपस्थित सूचनाओं को अपने-अपने कम्प्यूटर में संगृहीत करके इन्टरनेट सम्पर्क काट देता है, फिर भी वह सूचनाओं का अध्ययन करता रहता है या इसे आप बिना इंटरनेट का पढ़ सकते हैं|

    हाइपर टेक्स्ट मार्कअप भाषा (Hyper Text Markup Language): इसका संक्षिप्त रूप HTML है, जिसका प्रयोग वेब-पेज बनाने के लिए किया जाता है| प्रारम्भ में वेब-डिजाइनिंग HTML के द्वारा ही की जाती थी और अभी भी क्लाइंट के ब्राउज़र में जो  वेब पेज खुलता है वो HTML में ही होता है. Encoding Scheme की तरह कार्य करता है जिसका प्रयोग दस्तावेज तैयार करने के लिए किया जाता है|

    हाइपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल (Hyper Text Transfer Protocol): इसका संक्षिप्त रूप HTTP है| इसका प्रयोग HTML में संगृहीत दस्तावेजों तथा दूसरे वेब-संसाधनों स्थानान्तरित करने के लिए किया जाता है|

    टीसीपी/आईपी (TCP/IP) : इसका पूरा नाम Transmission Control Protocol/Internet Protocol है| इसका प्रयोग सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए किया जाता है| ये ऐसे प्रोटोकॉल (नियम) हैं जिनके माध्यम से असंख्य कम्प्यूटरों के मध्य सम्पर्क स्थापित होता है|

    प्रोटोकॉल (Protocol): यह एक ऐसी मानक और औपचारिक प्रक्रिया है प्रक्रिया है जिसके माध्यम से कम्प्यूटरों तथा संजालों (नेटवर्कों) में अंकीय संचार किया जाता है|

    ब्राउजर (Browser): यह एक ऐसा सॉफ्टवेयर है, जिसकी सहायता से यूजर सूचनाओं को प्राप्त करने के लिए इन्टरनेट में प्रवेश करता है|

    वेब सर्वर (Web Server): यह प्रोग्राम वेब ब्राउजर के द्वारा संसाधनों को प्राप्त करने के लिए यूजर द्वारा दिए गए अनुरोधों को पूरा करता है| वेब सर्वर द्वारा वेब ब्राउजर में उपस्थित किसी प्रोग्राम को क्रियान्वित किया जा सकता है|

    नेटवर्क (Network): विभिन्न कम्प्यूटरों को एकसाथ छोड़कर बनाये गए संजाल को नेटवर्क कहते हैं| इसके द्वारा एक साथ कई जगहों पर सूचनाओं का आदान-प्रदान करना सम्भव है|

    ऑनलाइन (Online): जब यूजर इन्टरनेट पर जानकारियों तथा सेवाओं का अध्ययन करता है, तब कहा जाता है कि वह यूजर ऑनलाइन है|

    होम पेज (Home Page): यह किसी भी साइट का प्रारम्भिक प्रदर्शित होने वाला वेब-पेज होता है, जिसमें सूचनाएँ हाईपरलिंक द्वारा जुरी रहती हैं|

    यूनिफ़ॉर्म रिसोर्स लोकेटर (Uniform Resource Locator): इसका संक्षिप्त रूप URL है| इसका प्रयोग वेब पर किसी विशेष सूचना को संचालित करने के लिए किया जाता है| URL में एक विशेष प्रकार का ऐड्रेस कोड प्रयोग में लाया जाता है, जिसे डोमेन ऐड्रेस कोड कहते हैं| जैसे- gmail.com. इसमें gmail इसका डोमेन ऐड्रेस कोड कहलाता है|

    वेब-पेज (Web Page): होम-पेज पर बने हाईपरलिंक को क्लिक करने पर जो पेज हमारे समक्ष प्रस्तुत होता है, उसे वेब-पेज कहते हैं| वेब-पेज में भी सूचनाओं को हाईलाइट करने के लिए हाईपर लिंक का प्रयोग किया जाता है|

    वेबसाइट (Website): वेब-पेजों के समूह को वेबसाइट कहा जाता है, जिसमें चित्रों,ध्वनि, टेक्स्ट इत्यादि का समावेश होता है|

    हाईपरलिंक (Hyperlink): वेब पेज में उपस्थित वह विशेष शब्द या चित्र, जिस पर क्लीक करने पर उस शब्द या चित्र से सम्बन्धित सूचनाएँ एक अलग वेब-पेज पर आ जाती है, उसे वेब-पेज का हाईपरलिंक कहा जाता है| अर्थात् एक वेब-पेज पर किसी अन्य वेब-पेज को समाहित करना, हाईपरलिंक कहलाता है|

    डाउनलोड (Download): इन्टरनेट या किसी अन्य कम्प्यूटर से प्राप्त सूचनाओं को अपने कम्प्यूटर में संगृहित करने की क्रिया को डाउनलोड कहते हैं| इन्टरनेट के माध्यम से हर रोज करोड़ों मेगाबाइट की सूचनाएँ डाउनलोड की जाती हैं|

    अपलोड (Upload): अपने कम्प्यूटर से किसी भी अन्य कम्प्यूटर में सूचनाओं को भेजना, अपलोड करना कहलाता है| उदाहरण के लिए, जब आप अपने मित्र या रिश्तेदार को कोई सूचना भेजने के लिए ई-मेल करते हैं या किसी कम्पनी में बायोडेटा भेजते हैं, तो उसे अपलोड करना कहते हैं|

    सर्वर (Sever): वह कम्प्यूटर, जो इन्टरनेट का प्रयोग करने वालों को अर्थात् यूजर को सूचनाएँ प्रदान करने की क्षमता रखता है, सर्वर कहलाता है|

    सर्फिंग (Surfing): इन्टरनेट के नेटवर्कों में महत्त्वपूर्ण सूचनाओं को खोजना या विभिन्न साइटों पर भ्रमण करना, सर्फिंग कहलाता है|

    इन्टरनेट एड्रेस (Internet Address): इन्टरनेट में प्रयुक्त एड्रेस के मूलभूत हिस्से को डोमेन कहा जाता है| इन्टरनेट से जुड़े प्रत्येक कम्प्यूटर का एक डोमेन नेम होता है, जिसे डोमेन नेम सिस्टम (Domain Name System) कहा जाता है| डोमेन नेम सिस्टम को मुख्यतः तीन भागों में बाँटा जाता है:

    1. जेनेरिक डोमेन (Generic Domain)
    2. कन्ट्री डोमेन (Country Domain)
    3. इन्वर्स डोमेन (Inverse Domain)

    उदहारण के लिए, [email protected] में ‘xyz’ यूजर का नाम है, gmail सर्विस देने वाली कम्पनी का नाम है, जबकि .com एक प्रकार का डोमेन Extension है|

    Chapter 7: प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या होता है (Programming Language in Hindi) Chapter 8: इंटरनेट क्या है, इंटरनेट का इतिहास (What is Internet in Hindi)
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