स्मार्टफोन की लाइट आपके लिए हो सकता है हानिकारक, स्टूडेंट्स ख़ास कर रखे इन बातों का ध्यान

    स्मार्टफोन की लाइट आपके लिए हो सकता है हानिकारक
    स्मार्टफोन की लाइट आपके लिए हो सकता है हानिकारक

    Side Effects of Smartphone in Hindi: 21वी सदी में बिना स्मार्ट्फ़ोन की कल्पना हम नहीं कर सकते हैं। जैसा कि हम सभी जानते हैं आजकल हर कोई स्मार्टफोन का यूज करते हैं। बिना इस स्मार्टफोन के मानो जिंदगी अधूरी सी लगने लगती है, यही कारण है कि इस स्मार्टफोन ने हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग बन गया है। हमारी भागदौड़ भरी ज़िंदगी में स्मार्ट फोन का यूज दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। स्मार्टफोन की वजह से ही लोग एक दूसरे के साथ कनेक्ट और हमेशा अपडेट रहते हैं, यहां तक कि आप अगर एक चलता फिरता मनोरंजन का स्रोत चाहते हैं तो, इसमें स्मार्टफोन आपका साथ देता है।

    स्मार्टफोन के प्रयोग से आप लोग शॉपिंग कर सकते हैं, ऑनलाइन बैंकिंग, मूवी टिकट, फ्लाइट टिकट, पढ़ने के लिए, बिजली का बिल भरने के लिए और भी ऐसे काम है जिन को ट्रैक करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इस डिवाइस के प्रयोग से दुनिया भर के काफ़ी सारे कामों को मिनटों में निपटाने के कारण और स्मार्टफोन ने पुस्तक, अलार्म, घड़ियां ,कैमरे और नोटपैड जैसी सभी चीजों को बदल दिया है सिर्फ एक छोटे से डिवाइस में आप पूरी दुनिया को देख समझ और कुछ भी कर सकते हैं।

    आजकल हर घर में सभी फैमिली मेंबर के पास स्मार्टफोन उपलब्ध होता है और जितने ज्यादा परिवार में लोग नहीं, उनसे दुगना स्मार्टफोन आपको मिल जाएगा। ऐसा समझ लीजिए स्मार्टफोन हमारी ज़िंदगी की एक जरूरत बन गई है, इसमें कोई दो राय नहीं की स्मार्ट फोन के इस्तेमाल के बहुत सारे फायदे हैं, वही इस अद्भुत डिवाइस नुकसान भी है।

    विशेषकर अगर आप बहुत ज्यादा समय तक इस स्मार्टफोन का प्रयोग कर रहे हैं, तो आपको यह जानना जरूरी है कि इस स्मार्टफोन से निकलने वाली लाइटें आपके स्वास्थ्य के लिए कैसे नुकसान दायक साबित हो सकती है और हो सकता है कि यह कई बीमारियों का स्रोत भी बन जाए। आज हम बात करेंगे की किस तरह से स्मार्ट्फ़ोन हमारे ज़िंदगी के लिए हानिकारक है:

    # Side Effects of Smartphone in Hindi

    स्मार्टफोन से निकलने वाला प्रकाश आपके स्वास्थ्य के लिए कैसे हानिकारक सिद्ध हो सकता है

    हमारा शरीर नियमित रूप से एक ऐसे चक्र का पालन करता है जो हम लोगों को दिन के दौरान जागते रहने और सतर्क रहने की आज्ञा देता है, और रात में हमारे शरीर को आवश्यकता अनुसार आराम प्रदान करने में हमारी सहायता करता है ,परंतु जब हमारे सोने का टाइम होता है उस वक़्त हम अपने स्मार्टफोन की स्क्रीन को देखने में लगे रहते हैं जिससे हमारे दिमाग में एक भ्रम बनाने लगता है जब हम रात में सोने लगते हैं उस समय हमारा मस्तिष्क मेलाटोनिन नामक हार्मोन्स का उत्पादन करता है जो हमारे शरीर को सोने का संकेत देता है लेकिन उस समय हम स्मार्ट फोन के स्क्रीन के सामने होते हैं और उससे जो स्क्रीन की लाइट निकलती है तो हमारा मस्तिष्क अपना सही तरीके से काम नहीं कर पाता जिससे हमें स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं हो सकती है।

    # इनसोम्निया नामक बीमारी भी हो सकती है

    अगर आप एक लंबे समय से जितना आपकी शरीर की आवश्यकता है उतना नींद नहीं ले पा रहे हैं तो न्यूरोटोक्सीन बिल्ड अप हो सकता है। जिसकी वजह से नींद लेने में बहुत समस्या हो सकती है और जिसकी वजह से इनसोम्निया नामक बीमारी भी हो सकती है।

    इनसोम्निया illness
    image: bbc

    # दिमाग का एकाग्र ना हो पाना

    रात में स्मार्टफोन प्रयोग करने की वजह से हमारी नींद खराब हो जाती है। जिससे हम अगले दिन कोई भी नया काम करने जाते हैं या फिर नया काम सीखने जाते हैं तो मन नहीं लगता और आलस्य की अनुभूति होने लगती है. जिस वज़ह से हमारा दिमाग भी एकाग्र नहीं हो पाता।

    # अनचाहा मोटापा बढ़ना

    जब हमारा मस्तिष्क मेलाटोनिन हार्मोन को सही तरीके से उत्पादित नहीं कर पाता है तो वह भी इस स्मार्टफोन के प्रयोग करने की वजह से तब हमारे शरीर के अन्य हार्मोन पर भी इसका प्रभाव हो सकता है जैसे कि अपने भूख को सही तरीके से नियंत्रित नहीं कर पाते और स्वाभाविक रूप से मोटापा बढ़ने का रिस्क भी हो जाता है।

    # सर दर्द होना 

    सोने के समय में बदलाव के कारण सर दर्द कन्फ्यूजन होने की समस्या और हमारी याददाश्त पर भी इसका बुरा असर पड़ता है।

    headache
    image: harvard

    # नुक़सान पहुचाने वाले बैक्टीरिया का शरीर के अंदर जाना

    एक रिसर्च में यह पाया गया कि जितने एक टॉयलेट सीट पर बैक्टीरिया नहीं होते उस से 10 गुना ज्यादा स्मार्टफोन के स्क्रीन पर हो सकते हैं। जरा सोचिए जब हम खाने जाते हैं उस वक़्त भी स्मार्टफोन का प्रयोग करते रहते हैं। उसे बार-बार अपने हाथों से छूते रहते हैं फिर वही बैक्टीरिया जो स्क्रीन पर होता हैं जो हमारे हाथों में लग जाते हैं फिर सीधे हमारे भोजन के जरिए पेट में और शरीर में दाखिल हो जाते हैं और जो बैक्टीरिया हमारे शरीर में खाने के जरिए जाते हैं वह बहुत प्रकार की बीमारियों को आमंत्रित करते हैं जिससे हमारे स्वास्थ्य में भी बहुत ज्यादा फर्क पड़ सकता है।

    # डिप्रेशन का शिकार हो जाना

    इस स्मार्टफोन के स्क्रीन के प्रकार से जब हमारे शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन सही तरीके से काम नहीं करता है तो इससे लोग डिप्रेशन का भी शिकार हो सकते हैं।

    # कैंसर जैसे रोग का होना

    स्मार्टफोन से निकलने वाले प्रकाश और हमारे नींद के बीच कुछ ऐसा संबंध है जिसके वजह से महिलाओं में प्रोस्टेट और ब्रेस्ट कैंसर जैसी घातक बीमारियां होने का चांस बढ़ जाता है।

    # आँखों पर बुरा असर पड़ना

    स्मार्टफोन से निकलने वाले नीले प्रकाश से हमारी आंखों में कैटरेक्ट जैसी बीमारियां हो सकती है जहाँ तक कि इस स्मार्टफोन के प्रकाश से हमारे आंखों के रेटिना में भी बहुत ज्यादा समस्याएं आ सकती है और हो सकता है कि हमारे आंखों की रेटिना डैमेज भी हो जाए कई ऐसे लोगों की आदत होती है कि वह अंधेरों में भी स्मार्टफोन का प्रयोग करते रहते हैं जिसकी वजह से आंखों पर इसका बुरा असर हो सकता है।

    # अपनो से दूर हो जाना

    यह कहना और समझना बिल्कुल सही है कि इस स्मार्टफोन का अविष्कार हुआ है , इसलिए ताकि हम एक दूसरे से कनेक्ट और मिनटों में अपडेट रहें लेकिन आज के इस टाइम में फ़ोन ने हम सभी को आइसोलेटेड बना दिया है और जब से सोशल मीडिया आया है तब से हम एक दूसरे से मिलने के बजाय सोशल मीडिया पर ही चैट करते रहते हैं इस वजह से भी हमारे शरीर पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।

    # नोमोफोबिया जैसे रोग का होना

    क्या आप सभी लोग नोमोफोबिया नामक बीमारी के बारे में जानते हैं ? अपने फोन के खो जाने और सिग्नल न मिलने के डर को हम नोमोफोबिया कहते हैं. हमेशा मोबाइल फोन खोने का डर लोगों को थोड़ा बहुत लगा रहता है. बिना फोन के आज के समय के लोग खुद को अधूरा और घबराया हुआ महसूस करते हैं। यह कहना हम लोगों के लिए बिल्कुल गलत नहीं है कि स्मार्टफोन आजकल के समय में हम लोगों के जीवन में एक जरूरी वस्तु बन गया है। लेकिन दोस्तों हमें इस स्मार्टफोन का प्रयोग एक सीमित समय और आवश्यकता के अनुसार करना चाहिए ताकि हमारा स्वास्थ्य सदैव ठीक रहे और अगर हो सके तो आप सभी लोग रात में स्मार्टफोन का प्रयोग जितना हो सके उतना कम करें ताकि जो स्मार्टफोन से हानिकारक रेडिएशन निकलते हैं और उन रेडिएशन से जो बीमारियां होती हैं उनसे बचा जा सके।

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    2 COMMENTS

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